[2023] How To Become a Game Programmer In Hindi?

How To Become a Game Programmer In Hindi: क्या आपको वीडियो गेम खेलना पसंद है और क्या पिन गेम्स को खेलना इतना इंजॉय करते हैं किसी फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं अगर ऐसा है यानी आपको वीडियो गेम बहुत पसंद आते हैं और इन्हें खेलने समय बहुत अच्छा परफॉर्म भी करते हैं और इन गेम्स को और बैटर बनाने के लिए आइडिया भी आपके दिमाग में चलते रहते हैं या नहीं इसका मतलब है यानी आपके पास एक एनालिटिकल माइंड है और गेम के लिए एक बेहतर सेंस भी.

तो ऐसे में आपके लिए गेम प्रोग्राम एक बहुत अच्छा कार्य हो सकता है वैसे क्या आप जानते हैं कि गेम प्रोग्रामर क्या होती है गेम प्रोग्रामिंग का मतलब वह कोर्स होते हैं जो किसी वीडियो गेम यह कंप्यूटर गेम में जान डालते हैं यानी गेम प्रोग्रामर का काम हुआ कोडिंग करना. लेकिन यह इतना भी आसान नहीं है पहले जहां एक ही प्रसन्न गेम प्रोग्रामिंग, गेम डिजाइन जैसे कई सारे काम कर लेता था यानी प्रोग्रामर गेम डेवलपमेंट के जाए तो एस्पेक्ट्स के लिए रिस्पांसिबल था वही आज टेक्नोलॉजी के एडवांसमेंट के चलते  प्रोग्रामिंग में भी काफी प्रोग्रेस हुई है.

गेम्स भी काफी कॉन्प्लेक्स होते जा रहे हैं और प्लेट की एक्सपेक्टेशन भी बढ़ती जा रही है इसलिए आप पहले कि कंपैरिजन ने यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने में ज्यादा एयरपोर्ट लगाए जाने लगे हैं और इस फील्ड की जॉब को भी स्पेशलाइज्ड किया जा रहा है यानी अब बड़ी कंपनी में एक गेम प्रोग्राम अपने वर्ग में स्पेशलाइज्ड प्रसन्न होगा जो अपने प्रोग्रामिंग पार्ट पर काम करेगा. बागी टास्क के लिए गेम डेवलपर डिजाइनर आर्टिस्ट जैसी कई सारी  पोजीशन पर एक्सपोर्ट्स काम करते हैं.

 यानी अगर आपको प्रोग्रामर बनना है  तो कोडिंग की एक्सीलेंस नॉलेज में इंटरेस्ट होना चाहिए अब अगर आपको लगता है कि गेम प्रोग्राम में बनने का यह कैरियर ऑप्शन आपके लिए तो टेबल हो सकता है तो आज का यह आर्टिकल आप ही के लिए है क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि गेम प्रोग्रामर कैसे बने, रिस्पांसिबिलिटीज, एजुकेशनल रिक्वायरमेंट्स, सैलरी पैकेज और भी बहुत कुछ. तो चलिए ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं करते हैं और जानते हैं कि गेम प्रोग्रामर कैसे बने, तो जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ते रहिए.

How To Become a Game Programmer In Hindi?

गेम प्रोग्रामर क्या होता है?

जैसा कि हमने आपको पहले बताया की एक गेम प्रोग्रामर वीडियो गेम के लिए कोड लिखता है इस गेम प्रोग्रामिंग में मैथमेटिक्स लॉजिक और कंप्यूटर स्किल्स की जरूरत पड़ती है वह एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जो गेम को खेलने लायक  बनाने के लिए कोड  डिवेलप करता है उसका मेन गोल होता है गेम डिजाइन टीम की तरफ से प्रोवाइड किए गए सारे डिजाइंस उसके चेंज लेआउटस और स्टोरीज को ट्रांसफार्म करना लेकिन अगर गेम डिजाइनर और गेम प्रोग्रामर के बीच आपको डिफरेंस समझ नहीं आ रहा है तो आपको बता देते हैं कि गेम डिजाइनर गेम के क्रिएटिव साइड पर काम करते हैं जबकि गेम प्रोग्राम गेम के टेक्निकल को कवर करते हैं और यह दोनों ही यानी गेम  डिजाइनिंग और गेम प्रोग्रामिंग, वीडियो गेम करने के लिए मोस्ट इंपोर्टेंट जॉब रोल्स में से एक है.

गेम डिज़ाइनर vs गेम प्रोग्रामर

गेम प्रोग्रामर, गेम डिजाइन, आर्ट एंड एनीमेशन, साउंड डिपार्टमेंट और प्रोड्यूसर के साथ क्लोजली काम करता है गेम प्रोग्रामर इन टास्क के लिए रिस्पांसिबल हो सकते हैं की गेम में आपका कैरेक्टर कितना हाई जंप करेगा स्पीड से दौड़ेगा कितने दुश्मनो से उसका सामना होगा और उनके रिएक्शन कैसे होंगे और एक गेम प्रोग्रामर की रिस्पांसिबिलिटी में जो शामिल होंगे वह है उन गेम प्रोजेक्ट के विजन को कोड्स में कन्वर्ट करना ताकि गेम को खेलने लायक तैयार किया जा सके, गेम के लिए कस्टमर बेस इंजन तैयार करना, फंक्शन, इवेंट, इंटरेक्शन की स्क्रिप्टिंग करना, साउंड इफेक्ट म्यूजिक को ऐड करना, 3D ग्राफिक्स को मॉडिफाई और डेवलप करना, एंब्लॉजिक और मैकेनिक्स को इंप्लीमेंट करना, यूजर इंटरफेस क्रिएट करना, करैक्टर  मैं मूवमेंट ऐड करने के लिए आई इंप्लीमेंट करना, कीबोर्ड माउस ट्रिक्स के लिए कोर्ट, कस्टम दो उसको डेवलप करना,  बग्स को आईडेंटिफाई करके  फिक्स करना और एल्गोरिदम इंप्लीमेंट करने जैसे  टास्क करना.

स्किल्स

अब इतने सारे रिस्पांसिबिलिटीज को सक्सेसफुली इंप्लीमेंट करने के लिए गेम प्रोग्रामिंग के कुछ स्किल्स तो  हासिल करने ही होंगे और ऐसी बेसिक स्किल्स होंगी C++ और Java जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की स्ट्रांग नॉलेज,  मैथमेटिक्स पर बहुत अच्छी कमांड, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स और डायनामिक्स की  एक्सीलेंट नॉलेज और इनके साथ साथ स्ट्रांग कम्युनिकेशन स्किल्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स और एनालिटिकल स्किल्स. यह बेसिक स्किल्स है जो गेम प्रोग्रामर के अंदर होनी ही चाहिए और कंपनी के अकॉर्डिंग इन स्क्रीन में वेरिएशन मिलता है इसीलिए जिस भी कंपनी में आप अप्लाई करें उनकी बेसिक रिक्वायरमेंट्स को ध्यान में रखकर उन्हें फुलफिल करें ताकि आपको गेम प्रोग्रामर की जॉब मिलना आसान हो सके.

एजुकेशन

इसके बाद अब सवाल यह आता है  कि इस फील्ड में गेम प्रोग्रामर के रूप में एंट्री लेने के लिए आपके पास कौन-कौन सी डिग्री होनी जरूरी होंगी यूं तो गेम प्रोग्रामर के लिए कोई स्पेसिफिक डिग्री की जरूरत नहीं होती है लेकिन हाई कंपटीशन को भी  बीट करनाहै इसलिए कंप्यूटर साइंस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग या बैचलर डिग्री या हायर डिग्री आपकी मदद कर सकता है इनके अलावा आपके पास अगर गेम इन डिप्लोमा भी हो तो आपकी बात बड़ी आसानी से भी बन सकती है इसके लिए आप एडोरो इंस्टिट्यूट ऑफ  मल्टीमीडिया,  एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ गिविंग एंड एनीमेशन और SAE इंस्टीट्यूट बेंगलुरू से गेम प्रोग्रामिंग में डिप्लोमा कर सकते हैं.

गेम प्रोडक्शन है गेम आर्ट एंड डिजाइन में भी बैचलर डिग्री ली जा सकती है और गेमिंग  की कम से कम एक मेजर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में  आपका  स्किल होना तो कंपलसरी है ही लेकिन इन डिग्रीस के अलावा गेमिंग के लिए पैशन गेम इंडस्ट्री की एक्स्ट्राऑर्डिनरी लैंग्वेज आपकी प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी, एनालिटिकल स्किल्स और टीम वर्क की स्कीम्स को भी मेजर किया जाएगा. इसलिए अपने डिग्री के अलावा अपने स्कूल को बेहतर बनाना भी जरूरी होगा इसके लिए आप प्रोग्रामिंग बुक्स और ट्यूटोरियल्स के जरिए लर्निंग ऑपरेटेड  बनाए रख सकते हैं.

जॉब

अब प्रोग्रामर बनने की यह सारी तैयारियां करने के बाद आप चाहेंगे कि आप एक अच्छी कंपनी में जॉब मिल जाए तो इसके लिए आपको कुछ और तैयारी करने की जरूरत होगी. गेम प्रोग्रामिंग जॉब के लिए अप्लाई करते समय आपके पास अपना वर्ग शोकेस करने के लिए तो होना ही चाहिए इसके लिए आपको कुछ प्रोजेक्ट्स पर वर्क करना चाहिए ताकि उनके जरिए आप अपना बेस्ट वर्क एंड कोडिंग एक्सपीरियंस शेयर कर सकें और हां आपको अपना  पोर्टफोलियो तैयार करना होगा और इंटरव्यूज और टेस्ट के दौरान अपने  स्किल्स पर डाउट ना हो और आप इनकरेज ना हो इसके लिए आपको अपने आप को पहले से ही कॉन्फिडेंट बनाए रखें अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर परफॉर्म करें और अपने नॉलेज को सेंड करें और अगर आप चाहते हैं कि अपने इंटरव्यू के दौरान कॉन्फिडेंट बने रहे. तो इस गेम इंडस्ट्री की टर्म  और ट्रेन से मिले रही है और अपने स्ट्रांग नेटवर्क बनाइए ताकि आप अच्छे कंपनी में एक जूनियर प्रोग्रामर की परमिशन पर पहुंचने में  आपको मदद मिल सके.

टॉप गेमिंग कमपनीज़

वैसे  क्या आपको इंडिया की टॉप गेमिंग कंपनीज के नाम पता है अगर आप वाकई गेम इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यह नाम आपको पता होना चाहिए जैसे कि क्रिएटीसॉफ्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, ध्रुवाइन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड, इलेक्ट्रॉनिक आर्ट्स गेम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गेम शो नेटवर्क, games2win इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, द वाल्ट डिजनी कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और युविसॉफ्ट इंटरटेनमेंट प्राइवेट जैसी कंपनियों की इंडिया की टॉप गेमिंग कंपनी में  शामिल हैं

सैलरी पैकेज

और जहां तक की सैलरी पैकेज की बात है तो गेम प्रोग्रामर को मिलने वाली एवरेज सैलेरी 36,800 पर मंथ हुआ करती है और यह सैलरी आपके स्किल्स गेमिंग पैशन एक्सपीरियंस और उस कंपनी के स्टैंडर्ड से भी काफी अफेक्टेड होगी जहां आप अप्लाई करेंगे.  इसलिए इस फील्ड में इंटर होने के लिए अपने पोर्टफोलियो को इतना स्ट्रांग बनाइए आपको शुरुआत से ही अच्छी पैकेट वाली जॉब मिल सके और इस तरह इनकार एयरपोर्ट के जरिए आप एक रेपुटेड कंपनी में  गेम प्रोग्राम की पोजीशन तक पहुंच सकते हैं

Conclusion:
इसलिए कोशिश अच्छी तरह कीजिएगा और अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे उनके साथ जरूर शेयर करें जो गेम प्रोग्रामर बनने में दिलचस्पी रखते हैं और कमेंट के जरिए आप हमसे जुड़ सकते हैं या कुछ भी सवाल पूछ सकते हैं गेम प्रोग्राम करियर से रिलेटेड. तो दूसरे आर्टिकल यहीं पर समाप्त होता हमारे इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.

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