[2023] How To Become a Rocket Scientist In Hindi?

जब भी कभी हमें कोई टफ टास्क करना होता है तो हम खुद को यह कहकर वह टास्क कंप्लीट करने के लिए तैयार करने लगते हैं कि कमान यार कोई रॉकेट साइंस थोड़े रहा है इसका मतलब तो यही हुआ कि रॉकेट साइंस वाकई में हुआ करती है हां बिल्कुल रॉकेट साइंस में साइंस के ऑलमोस्ट सारे पीस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग और मैं शामिल होती है ऐसा चैलेंजिंग पेड़ है जिसमें रोहित की डिजाइन किया जाता है और इस काम को अंजाम देने वाली टीम में एक बहुत इंपॉर्टेंट इसका होता है

रॉकेट साइंटिस्ट एक स्पेशलाइज्ड एयरोस्पेस इंजिनियर्स होते हैं जो स्पेस पेशेंट के लिए रॉकेट बिल्ड करने का काम करते हैं अब आप ही बताइए कि एक्स्ट्राऑर्डिनरी और टॉप 10 लेकिन जैसे रॉकेट स्पेसक्राफ्ट करते हैं और जिनके डिजाइंस बनाने का आईडिया बहुत ही साइटिंग लगता है उसके लिए बेहतरीन और एडवेंचरस हो सकता है अगर आपको भी रॉकेट की तमन्ना है और इसके लिए आपके पास बहुत से आर्थिक आईडिया शॉर्टेज है तो आप भी रॉकेट साइंटिस्ट बन सकते हैं और इसलिए हमने आज का वीडियो बनाया है ताकि आप जान सके कि रॉकेट साइंटिस्ट कैसे बना जा सकता है उसके लिए क्या क्वालिफिकेशन चाहिए होती है कौन से स्किल्स और एक्सपीरियंस रिक्वायर्ड होता है करियर स्कोप कैसा होता है और किस तरीके के स्ट्रेटजी के साथ आगे बढ़ना चाहिए इसलिए आर्टिकल को पूरा पढ़ते जाइए क्योंकि अब यह आर्टिकल भी रॉकेट की स्पीड में आगे बढ़ने वाला है तो चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले यह जानते हैं कि रॉकेट डिजाइनिंग एंड बिल्डिंग टास्क में कौन कौन शामिल होता है

Who Is Rocket Scientist

रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट डिजाइनिंग एंड बिल्डिंग टास्क में शामिल साइंटिस्ट में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर मैकेनिकल इंजीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर केमिस्ट और कंप्यूटर साइंटिस्ट इनवॉल होते हैं लेकिन के रोल में फिट होते हैं जबकि एयरोस्पेस इंजिनियर्स टास्क का एक बड़ा पोषण हैंडल करते हैं तो हम यह कह सकते हैं कि ऐसे एयरोस्पेस इंजीनियर जिन्हें रॉकेट और स्पेस क्राफ्ट बिल्डिंग मैं एक्सपर्टीज हासिल हो उन्हें रॉकेट साइंटिस्ट कहा जाता है

और एक रॉकेट साइंटिस्ट को रॉकेट स्पेसक्राफ्ट सेटेलाइट एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम के कांसेप्चुअल आइसिंग डिजाइनिंग कंस्ट्रक्शन और टेस्टिंग के पूरे प्रोसेस को डिलीट करना होता है और उन्हें डिजाइन के सभी आसपास जैसे सेफ्टी कॉस्ट फ्यूल एफिशिएंसी और एनवायरमेंट पर पड़ने वाले इन पास्ट को ध्यान में रखते हुए रिसर्च करनी होती है रॉकेट साइंस इंजीनियरिंग नॉलेज और साइंटिफिक प्रिंसिपल्स का यूज करके उसको डेवलप करते हैं और उनकी टीम में शामिल होती है व्हीकल और सिस्टम्स की डिजाइनिंग, प्रोजेक्ट की मैन्युफैक्चरिंग और फेब्रिकेशन को सुपरवाइज करना, प्लीज क्राफ्ट सिस्टम्स के लिए टेस्टिंग मेथड और क्वालिटी क्राइटेरिया डेवलप करना, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्शंस के रिजल्ट को चेक करना, ऑपरेटर की यूज़ के लिए विकल्प और एक पेपर रिलेटेड रिपोर्ट और हैंड बुक्स को डेवलप करना इत्यादि.

Skills

तो इतनी बड़ी रिस्पांसिबिलिटी को पूरा करने के लिए एक रॉकेट साइंटिस्ट में कौन सी इस एनसीएल स्किल्स का होना जरूरी है इसके लिए आपको इस टेक्निकल फील्ड में एक्सपोर्ट इस हासिल करनी होगी और उसके लिए आपको इन सारी स्किल्स पर कमांड बनानी होगी क्रिटिकल थिंकिंग एंड लॉजिकल रीजनिंग, डिसीजन मेकिंग, सिस्टम एनालिसिस एंड वैल्युएशन, नेगोशिएशन एंड कोआर्डिनेशन, गुड जजमेंट, लीडरशिप, टीम वर्क, फोकस ऑन डिटेल्स क्लियर कम्युनिकेशन, स्ट्रेस टोलरेंस, ऑप्टिमाइज्म तो इन सारी स्किल्स पर आपको कमांड बनानी होगी.

How To Become a Rocket Scientist In Hindi?

How To Become a Rocket Scientist In Hindi?

इसी के साथ आप जान लेते हैं रॉकेट साइंटिस्ट बनने की प्रोसीजर के बारे में रॉकेट साइंटिस्ट बनने के लिए आप डायरेक्ट रॉकेट डिजाइनिंग और बिल्डिंग की प्लानिंग तो शुरू नहीं कर सकते क्योंकि पहले आपको स्पेस साइंस के हर एरिया के दो सबसे इंपॉर्टेंट डिसिप्लिन सियानी सिक्सर मैथमेटिक्स के बेसिक फंडामेंटल कॉन्सेप्ट्स पर स्ट्रांग कमांड बनानी होगी इसके लिए आप क्लास 10th के बाद साइंस मैथ्स पीसीएम स्टडी कर सकते हैं यानी आपका पहला स्टेप होगा क्लास 12th पीसीएम क्लियर करना

लेकिन बस इतना ही काफी नहीं होगा बल्कि आपको क्लास इलेवंथ और ट्वेल्थ में फिजिक्स और मैथमेटिक्स के बेसिक्स पर मजबूत पकड़ बना लेनी होगी और उसके साथ-साथ क्लास ट्वेल्थ में अच्छा स्कोर भी बनाना होगा यानी 75% से ज्यादा उसके बाद आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री लीजिए इसके लिए आपको जी एडवांस्ड और जी मेंस के थ्रू बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने की कोशिश करनी चाहिए ताकि आपकी आगे की राह ज्यादा आसान हो सके इसलिए आपको हार्ड वर्क करना ही होगा

College

इसके लिए इंडिया के कुछ बेहतरीन कॉलेज इसके नाम भी जान लीजिए जहां से आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी कानपुर, एमआईटी मणिपाल यानी मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, आईईएसटी तिरुअनंतपुरम यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, एसआरएम यूनिवर्सिटी चेन्नई यानी एसआरएम इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, एमिटी यूनिवर्सिटी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी.

तो अब आप अपने एफर्ट्स के दम पर ऐसे किसी बेस्ट कॉलेज में एडमिशन लीजिए और वहां से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग उस से रिलेटेड पेज में बैचलर डिग्री लीजिए ताकि रॉकेट साइंस फील्ड में करियर बनाने की मिनिमम रिक्वायरमेंट को फुल फील कर सके और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स को 4 साल में कंप्लीट करते हुए एवं 65% इसको करें 10 पॉइंट 4 का सीजीपीए लाइए ग्रेजुएशन के दौरान आपको सर्च और ट्रेनिंग ऑफ यूनिटी जरूर से ग्रैब करनी चाहिए

Education

यानी इंटर्नशिप का टाइम जरूर से इन्वेस्ट करना चाहिए ताकि आपको प्रैक्टिकल नॉलेज मिल सके और आपके लिए डिसाइड इंस्टिट्यूशन या ऑर्गेनाइजेशन में अप्वॉइंट होने के चांसेस स्ट्रांग बन सके बैचलर डिग्री के बाद आपको इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड यानी कि आईसीआरबी एक्जाम क्लियर करना होगा एग्जाम क्लियर करने के बाद आप अगर शॉर्टलिस्टेड कैंडीडेट्स में शामिल हुए तो रिटन टेस्ट और इंटरव्यू राउंड क्लियर करने के बाद आप इस ग्रुप को ज्वाइन कर पाएंगे और अगर आप टिप टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज जाने आईआईएससी आईआईटी एनआईटी आईआईएचटी से ग्रेजुएशन की होगी तो आपको प्रेफरेंस जरूर मिलेगी

और ऐसे स्टूडेंट जो आईईएसटी का एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्टूडेंट होगा यानी एक्सेप्शनल एकेडमिक रिकॉर्ड लगता होगा उसे सोमेट डायरेक्ट रिक्रूटमेंट मिलेगा लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो अपनी नॉलेज और इसको साफ करने के लिए आपको मास्टर डिग्री लेनी चाहिए यार एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री लेकर क्या पॉकेट साइज के बारे में और बेहतर नॉलेज हासिल कर सकेंगे और उसके बाद अगर आप ही करें तो आपके लिए इसरो में साइंटिस्ट की पोस्ट पर रिक्रूट होने के चांसेस बढ़ सकते हैं

इसी तरह एजुकेशन कंप्लीट करने के बाद नासा में भी रॉकेट साइंटिस्ट की पोजीशन पर अप्वॉइंट हुआ जा सकता है जिसमें बैचलर डिग्री के अलावा मास्टर डिग्री भी शामिल हो और अगर यह एजुकेशन यूएसए चली जाए तो फेवरेबल रिजल्ट्स शायद जल्दी ही मिल जाए जैसे कि कैंट स्टेट यूनिवर्सिटी यूएसए से वीएस एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एमब्रि एयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी यूएसए से बीएफ इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, राइट स्टेट यूनिवर्सिटी यूएसए मास्टर ऑफ साइंस इन ए रो सिस्टम इंजीनियरिंग और साथ में ट्रेनिंग और एक्सपीरियंस भी इंक्लूड हो.

Salary

वैसे आपको यह भी बता देते हैं कि इसरो में जूनियर लेवल साइंटिस्ट को मिलने वाली एनुअल सैलेरी 374000 से ₹617000 तक होती है और सीनियर लेवल साइंटिस्ट को 670000 से ₹930000 तक सैलरी मिला करती है सैलरी के अलावा साइंटिस्ट को डीएनए सलाम ट्रैवल एलाउंस हाउस रेंट अलाउंस मेडिकल फैसिलिटी प्रोविडेंट फंड और पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिलती है और नासा मेक रॉकेट साइंस को मिलने वाली एवरेज एनुअल सैलेरी $77,173 हुआ करती है

Conclusion:
तो दोस्तों इस तरह बाप के पास रॉकेट साइंटिस्ट बनने से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां चुकी है जिनकी हेल्प लेकर आप आसानी से तय कर सकते हैं कि क्या रॉकेट साइंटिस्ट बनना आपके लिए परफेक्ट करियर ऑप्शन है और क्या पोजीशन तक पहुंचने के लिए इतने सारे ऐप्स करने को तैयार है इसलिए रॉकेट साइंटिस्ट बनने के स्तर पर चलने से पहले अच्छी तरह सोच समझ के और फिर आगे बढ़ी है ताकि आपको प्रॉब्लम की बजाय प्रोग्रेस मिले और अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे लाइक करें शेयर करें और यह हमें कमेंट करके जरूर बताएं किया आर्टिकल आपको कैसे लगा.

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